अयोध्या। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सेवार्थ विद्यार्थी अयोध्या महानगर द्वारा परिषद की पाठशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों को बिस्किट और जूस का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग संगठन मंत्री अंकित भारतीय, विभाग छात्रा प्रमुख श्रेया शुक्ला, महानगर मंत्री जयश्री रावत, सेवार्थ विद्यार्थी संयोजक रुचि पांडेय तथा संचालिका इति सोनकर ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस मौके पर रुचि पांडेय ने नारी शक्ति को नमन करते हुए कहा कि सशक्त महिला ही सशक्त समाज की आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने का अवसर है।
विभाग छात्रा प्रमुख श्रेया शुक्ला ने कहा कि हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की उपलब्धियों, संघर्षों और समानता की मांग को समर्पित है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत 20वीं सदी में महिलाओं के अधिकारों और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग को लेकर हुए आंदोलनों से हुई थी।
महानगर मंत्री जयश्री रावत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1975 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को आधिकारिक मान्यता दी थी। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू, इंदिरा गांधी, कल्पना चावला, पीवी सिंधु और मैरी कॉम जैसी महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें दूर करने के लिए समाज को आगे आना होगा।
कार्यक्रम में एसएफएस सह संयोजक अवनीश उपाध्याय और ऋषभ वर्मा ने बच्चों को बिस्किट और जूस वितरित किया। इस अवसर पर उत्कर्ष पांडेय, आदर्श चतुर्वेदी सहित अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।