अंबेडकर नगर। देव इंद्रावती महाविद्यालय में शुक्रवार को देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं देव इंद्रावती ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के प्रबंधक डॉ. राणा रणधीर सिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार पटेल के चित्र पर दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की निर्देशिका डॉ. रंजना सिंह, सचिव राजेश सिंह एवं प्राचार्य डॉ. ए.बी. सिंह सहित शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा।
मुख्य अतिथि डॉ. राणा रणधीर सिंह ने कहा कि सरदार पटेल देश के सच्चे एकीकरण के सूत्रधार थे। यदि पटेल न होते, तो आज हमें अपने ही देश में यात्रा करने के लिए वीजा और पासपोर्ट की आवश्यकता पड़ती। उन्होंने कहा कि पटेल की दृढ़ इच्छा शक्ति और अटूट देशभक्ति के कारण ही 562 रियासतों का विलय भारत में संभव हो सका।
डॉ. सिंह ने कहा कि पटेल ने विदेशी शक्तियों की विभाजनकारी नीति को विफल कर भारत को अखंड रूप में स्थापित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन प्रारंभ हुआ, जिससे देश में सरदार पटेल को वास्तविक सम्मान मिला।
प्राचार्य डॉ. ए.बी. सिंह ने कहा कि बारडोली आंदोलन में उनके नेतृत्व से प्रभावित होकर महिलाओं ने उन्हें सरदार की उपाधि दी थी। वहीं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. तेज भान मिश्र ने कहा कि पटेल की कुशल रणनीति से जूनागढ़, हैदराबाद और कश्मीर का भारत में विलय संभव हुआ।
डॉ. बलकरन यादव ने कहा कि सरदार पटेल के देशहित में किए गए कार्यों की स्मृति में गुजरात में जनसहयोग से विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थापित की गई, जो आज देश की एकता का प्रतीक है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बलकरन यादव ने किया, जबकि आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी सुधीर पांडेय ने दिया।