अयोध्या। अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर जनसहभागिता के साथ विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को 8 किमी लंबी ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रत्येक दो किमी की दूरी पर सार्वजनिक स्थलों पर मौजूद लोगों के बीच सरदार पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद की विचारधारा को नई पीढ़ी के मन में और मजबूत करने के लिए इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। हर बूथ, हर गांव और हर नगर में आयोजन कराने का प्रयास होगा। स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ‘रन फॉर यूनिटी’ के साथ ही विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 1 से 7 नवम्बर के बीच सभी शैक्षणिक संस्थानों में निबंध, भाषण, रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिससे छात्र-छात्राओं में एकता और राष्ट्रभाव का संदेश प्रसारित हो। रावत ने कहा कि 2014 से पूर्व की सरकारों ने सरदार पटेल को यथोचित सम्मान नहीं दिया, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके योगदान को स्मरणीय बनाने के लिए विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराया, जो राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
इस दौरान विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, क्षेत्रीय महामंत्री व महानगर प्रभारी विजय प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष संजीव सिंह एवं पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी उपस्थित रहे।
प्रेस वार्ता के उपरांत जयंती कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर महानगर ईकाई की सर्किट हाउस सभागार व जिला ईकाई द्वारा पार्टी कार्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में रन फॉर यूनिटी की सम्भावित रूट को लेकर चर्चा की गई। अन्य आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। जिला ईकाई की कार्यशाला में पूर्व सांसद लल्लू सिंह, विधायक रामचन्दर यादव, जिला प्रभारी मिथिलेश त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय बादल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।