अयोध्या। अयोध्या धाम के भगवदाचार्य स्मारक सदन में रविवार को संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति द्वारा आयोजित पौराणिक और ऐतिहासिक रामलीला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष विंदुगद्याचार्य महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य जी महाराज और अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर समारोह की शुरुआत की।
रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता है आधुनिक तकनीक और पारंपरिक शैली का संगम, जिसमें संत महात्माओं की भागीदारी इसे और भी आध्यात्मिक और दर्शनीय बनाती है। यह केवल धार्मिक मंचन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और समाज के आदर्शों को पीढ़ी–दर–पीढ़ी संजोने का माध्यम भी है। उद्घाटन अवसर पर आयोजन स्थल “जय श्रीराम“ के उद्घोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर रामलीला समिति के महामंत्री स्वामी संजय दास जी महाराज, स्वामी अवधेश कुमार दास जी महाराज, महंत जनार्दन दास जी महाराज, डॉ. महेश दास जी महाराज, महंत राजेश दास, महंत सत्यदेव दास, सरोज दास, महंत दामोदर दास, नागा राम लखन दास, आचार्य मुकेश दास, सहित साधु-संत और वरिष्ठ गणमान्य लोग उपस्थित रहे।