अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण अब अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है। जल्द ही वह ऐतिहासिक क्षण आने वाला है, जब मंदिर के स्वर्णिम शिखर पर धर्म का प्रतीक ध्वज लहराएगा। राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने बताया कि आगामी 25 नवंबर, विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अयोध्या पहुंचकर श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे।
गोविंद देव गिरि महाराज ने बताया कि यह दिन श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह का पर्व भी है। इसी पावन अवसर पर पूरी दुनिया को श्रीराम मंदिर निर्माण की पूर्णता का संदेश दिया जाएगा। ध्वजारोहण से पहले पांच दिनों तक विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वैदिक आचार्यों के सानिध्य में पूजन, हवन और भजन संध्या के कार्यक्रम होंगे।
उन्होंने बताया कि मंदिर के शिखर पर लहराने वाला ध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा होगा, जो पूरी तरह केसरिया रंग का रहेगा। इस ध्वज पर कोबेदार वृक्ष, ओंकार और सूर्य के पवित्र चिन्ह अंकित होंगे, जो धर्म, शक्ति और सत्य के प्रतीक माने जाते हैं।
महाराज ने बताया कि विवाह पंचमी के इस ऐतिहासिक अवसर पर अयोध्या के संत–महात्माओं, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के चुनिंदा लोगों को विशेष निमंत्रण भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह अयोध्या केंद्रित रहेगा, लेकिन इसका संदेश देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया तक पहुंचेगा — कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद श्रीराम मंदिर का सपना अब पूर्णता को प्राप्त कर चुका है।