◆ मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन की प्रभावी पैरवी लाई रंग
अम्बेडकरनगर। जिले की कानून व्यवस्था को कलंकित करने वाले बहुचर्चित जहरीली शराब कांड में अब न्याय की गूंज सुनाई देने लगी है। इस जघन्य प्रकरण के मुख्य आरोपी एवं गैंगलीडर मोतीलाल गुप्ता पुत्र रामदेव, निवासी मित्तूपुर, थाना पवई, जनपद आज़मगढ़ की लगभग 1 करोड़ 75 लाख रुपये मूल्य की अवैध अचल संपत्ति को राज्य संपत्ति घोषित कर दिया गया है।
यह कार्यवाही जिला प्रशासन की सजगता, मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी और अभियोजन विभाग की सशक्त एवं सुनियोजित पैरवी का प्रतिफल है, जो अपराध के खिलाफ प्रशासनिक प्रतिबद्धता का उदाहरण बन चुकी है। उल्लेखनीय है कि 10 मई 2021 को थाना जैतपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सिघोंरा मकदूमपुर में जहरीली शराब पीने से कई निर्दोष ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज घटना के बाद थाना जैतपुर में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की थी।
जांच के क्रम में मुख्य आरोपी मोतीलाल गुप्ता सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और इनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत भी कठोर कार्रवाई की गई। पुलिस ने मोतीलाल के अवैध शराब के कारोबार से अर्जित अकूत धन की जानकारी जुटाई और 03 जनवरी 2022 को उसकी 1.75 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों की कुर्की हेतु रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट को भेजी। जिला मजिस्ट्रेट अम्बेडकरनगर ने 13 मई 2022 को संपत्तियों की कुर्की का आदेश पारित किया। हालांकि अभियुक्त ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 15(1) के अंतर्गत कुर्की आदेश के विरुद्ध प्रत्यावेदन दाखिल कर संपत्ति मुक्त कराने का प्रयास किया, परंतु पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने उसकी याचिका को निर्धारित आदेश के अनुरूप खारिज कर दिया।अंततः विशेष न्यायाधीश, गैंगस्टर अधिनियम ने अभियोजन की गहन एवं प्रभावशाली पैरवी से सहमत होते हुए कुर्कशुदा अचल संपत्तियों को राज्य संपत्ति घोषित कर दिया। यह निर्णय न केवल न्याय के सिद्धांतों की विजय है, बल्कि अवैध गतिविधियों से अर्जित धन और संसाधनों पर कठोर प्रशासनिक प्रहार का स्पष्ट संकेत भी।