सरयू मैया के छट्ठयोत्सव पर सजी फूलबंगला झांकी
उसके बाद दीपदान कर 51 सौ बत्ती से सरयू मैया की भव्य महाआरती उतारी। महाआरती से पूरा सरयू तट रोशन रहा, जिसकी आभा देखते हुए बन रही थी। साथ ही साथ फूलबंगले में उपयोग किए गए अनेकानेक सुगंधित पुष्प झांकी की शोभा बढ़ा रहे थे। दिव्य फूलबंगला झांकी में सरयू मैया विराज रही थी। जिनका दर्शन कर भक्तजनों ने अपना जीवन कृतार्थ किया तथा पुण्य के भागीदार बने। भजन संध्या में नामचीन कलाकारों ने अपने मनमोहक भजनों से छट्ठी महोत्सव में चार-चांद लगा दिया। कलाकारों ने उत्सव की शोभा बढ़ा दी। इससे श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। भजन संध्या का कार्यक्रम सायंकाल से शुरू होकर देर रात्रि तक चलता रहा। महंत कमलनयन दास ने कहा कि सरयू मैया अपने भक्तों का कल्याण करती हैं। भक्तों पर आने वाली विपत्ति को उनके द्वारा हमेशा-हमेशा के लिए दूर कर दिया जाता है। मां से राष्ट्र में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना किया गया। वहीं नमामि सरयू सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष ने आए हुए अतिथियों, विशिष्टजनों एवं संत-महंतों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत-सम्मान किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले डेढ़ दशक से ज्यादा समय से संत तुलसीदास घाट पर सायंकाल नित्य सरयू मैया की आरती कर रहे हैं। इसके अलावा वह प्रतिवर्ष मां सरयू का छट्ठी महोत्सव मनाते हुए चले आ रहे हैं। उसी अनुसार उन्होंने इस बार भी सरयू मैया का छट्ठी उत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया। छट्ठी महोत्सव पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारा में काफी संख्या में भक्तजनों ने पूड़ी-सब्जी और बूंदी प्रसाद ग्रहण किया।