जलालपुर अम्बेडकर नगर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों के विरोध में सोमवार को शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी राहुल गुप्ता के माध्यम से सौंपा गया। यह ज्ञापन संत प्रसाद पांडे के नेतृत्व में दिया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए प्रावधान उच्च शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले हैं। इन नियमों से न केवल छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी, बल्कि शिक्षकों की स्वायत्तता और शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर असर पड़ेगा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिना व्यापक विमर्श के लागू किए गए ये नियम शिक्षा जगत में असंतोष और अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं।
ज्ञापन सौंपने वालों ने राष्ट्रपति से मांग की कि नए नियमों पर तत्काल रोक लगाते हुए शिक्षा से जुड़े सभी हितधारकों—छात्र, शिक्षक और संस्थान—से संवाद कर निर्णय लिया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को जिला स्तर से आगे बढ़ाकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
इस दौरान अधिवक्ता महेंद्र सिंह, अधिवक्ता सत्य प्रकाश मिश्रा, अधिवक्ता आशुतोष, विमलेश दुबे सहित अनेक लोगों ने एकजुट होकर ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और विरोध दर्ज कराया। उपजिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए उसे संबंधित उच्चाधिकारियों तक अग्रसारित करने का भरोसा दिलाया।