जलालपुर अम्बेडकर नगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सभी संविदा कर्मचारियों को चार महीनों से मानदेय नहीं मिला है। वेतन भुगतान में हो रही लगातार देरी के चलते कर्मचारी गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट से जूझ रहे हैं।
संजय जैसवार, विकास गुप्ता , दिनेश यादव, साक्षी वर्मा, नितीन चंदेल, भूपेंद्रबरार, सरोज तिवारी, राजन माथुर, रामकुमार का कहना है कि कुछ संविदा कर्मियों को चार माह से एक भी रुपये का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उनके सामने रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करना भी कठिन हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि कई कर्मचारी ड्यूटी पर आने-जाने के लिए भी आर्थिक रूप से असमर्थ हो गए हैं।
एनएचएम कर्मियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर तीन कार्य दिवसों के भीतर समस्त बकाया वेतन का तत्काल भुगतान करने की मांग की है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो सभी कर्मचारी सीएचसी जलालपुर परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाले किसी भी अवरोध की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि संविदा पर कार्य करने वाले कर्मचारियों का वेतन पहले से ही सीमित होता है, ऐसे में लंबे समय तक भुगतान न मिलने से उनके परिवारों का पालन-पोषण मुश्किल हो गया है और स्थिति दिन-प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं। वेतन में लगातार हो रही देरी से सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ती जा रही है।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर के अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और वेतन भुगतान को लेकर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।