अयोध्या । पगला भारी गांव में हुए ब्लास्ट और हाल ही में लखनऊ में हुई बसपा महारैली को लेकर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने दोहरे मोर्चे पर अपने बयान दिए हैं। सांसद ने प्रेस वार्ता में कहा कि पगला भारी ब्लास्ट की पुलिस द्वारा प्रस्तुत एलपीजी सिलेंडर विस्फोट की थ्योरी फर्जी है और यह पुलिस की लापरवाही को छिपाने की कोशिश है।
सांसद ने आरोप लगाया कि मृतक रामकुमार गुप्ता, जो पटाखों का कारोबार करता था, को रोकने के लिए पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, “पुलिस की लापरवाही की कीमत सात लोगों ने अपनी जान देकर चुकाई। मृतकों के परिजनों को कम से कम पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए।” सांसद ने कहा कि अगर यह एलपीजी ब्लास्ट होता तो पुलिस घटना स्थल पर पानी क्यों डाल रही थी, जिससे लगता है कि ब्लास्ट में बारूद मौजूद था। कहा कि अयोध्या जनपद में बीते तीन दिनों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सात ब्लास्ट में, तीन जहरीले जंतु काटने से और तीन सड़क दुर्घटना में मारे गए।
बसपा की रैली में आए लोग हुए निराश – सांसद
सांसद ने लखनऊ में बसपा की महारैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रैली में आए लोग निराश हुए क्योंकि मायावती ने योगी सरकार की तारीफ की, जो दलित और गरीबों के हितों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक है। अवधेश प्रसाद ने कहा, मायावती जी का सम्मान करते हुए भी मुझे कहना पड़ रहा है कि उन्होंने काशीराम और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के दिखाए रास्ते को छोड़ दिया है। दलित और गरीबों के मुद्दों पर उन्हें और मुखर होना चाहिए।
सांसद ने मायावती को ‘बहन जी’ कहते हुए उनके सम्मान का संकेत दिया, लेकिन उनके बयानों की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि अयोध्या और उत्तर प्रदेश में बढ़ती घटनाओं और दलितों की आशाओं को देखते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही जरूरी है।