अंबेडकर नगर। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में गो संरक्षण और आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में कुल 38 स्थायी व अस्थायी गो आश्रय केंद्र संचालित हैं, जिनमें 5097 गोवंश संरक्षित हैं। साथ ही तीन गो संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं। अकबरपुर ब्लॉक के सस्पना स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र का कार्य 90% पूर्ण हो चुका है, जिसे सितंबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर व रामनगर ब्लॉक के निर्माणाधीन केंद्रों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी गो आश्रय स्थलों के केयरटेकरों का भुगतान नियमित समय से करने और सहभागिता योजना के अंतर्गत अगस्त माह का भुगतान एक सप्ताह में करने के निर्देश दिए।
खाद निर्माण और बाड़े की व्यवस्था
उन्होंने सभी आश्रय स्थलों में तत्काल खाद निर्माण कार्य शुरू करने तथा छोटे-बड़े और नर-मादा गोवंश के लिए अलग-अलग बाड़े की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इसके अलावा 29 हेक्टेयर भूमि पर चारा उत्पादन की स्थिति की समीक्षा करते हुए शेष चिन्हित भूमि पर भी बुवाई और फेंसिंग कराने के निर्देश दिए।
हर बुधवार मनाया जाएगा गो संवर्धन दिवस
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी 38 आश्रय स्थलों पर प्रत्येक बुधवार “गो संवर्धन एवं गौ सेवा दिवस” मनाया जाता है, जिसमें नोडल अधिकारी, बीडीओ, पशुधन प्रसार अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान शामिल होते हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, एसपी सिटी, जिला पंचायत राज अधिकारी, डीसी मनरेगा, सूचना अधिकारी समेत समिति के अन्य सदस्य और पशु चिकित्सक उपस्थित रहे।