अयोध्या। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में समिति के सभापति माननीय हरि ओम पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई। सभापति ने बैठक में बताया कि समिति की बैठक में विधान परिषद की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न नियमों, विनियमों एवं उपनियमों के संशोधन, अद्यतन एवं सरलीकरण के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता, पारदर्शिता तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने हेतु कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि “संसदीय परंपराओं की मर्यादा और कार्यक्षमता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है । नियमों का समय-समय पर पुनरीक्षण लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। समिति द्वारा किए गए सुझावों एवं अनुशंसाओं को अंतिम रूप देकर आगामी सत्र में परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
समिति ने बैठक के दौरान जनपद अयोध्यप एवं बाराबंकी के पुलिस, राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आबकारी, पुशपालन, मत्स्य आदि विभागों द्वारा प्रस्तुत रिर्पोट पर विस्तृत समीक्षा की गयी। समिति ने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों के प्रस्तुत प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जायें। जो भी कार्य उनके क्षेत्रों में कराये जा रहे है उसमें सम्बंधित जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जायें। उन्होंने सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि जिन विभागों द्वारा शुन्य की रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी है वह सभी पुनः अनुश्रवण करते हुये रिपोर्ट यथा शीध्र प्रेषित करेंगे और समिति की अगामी बैठकों में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें।
बैठक में समिति के सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह, के0पी0 श्रीवास्तव, विधायक अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, समिति के उप सचिव श्री संजय कुमार अग्रहरी, समीक्षा अधिकारी शिवम श्रीवास्तव, सीडीओ बाराबंकी अन्ना सुदन, एडीएम प्रशासन अनिरुद्ध प्रताप सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों मौजूद रहे।