अयोध्या। इंजेक्शन की ओवरडोज से महिला की मौत के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निर्मला हॉस्पिटल के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को जांच टीम ने हॉस्पिटल की ऑपरेशन थियेटर (ओटी) को सील कर दिया। साथ ही हॉस्पिटल का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई से पहले हॉस्पिटल के चिकित्सकों और स्टाफ के बयान दर्ज किए गए थे। इन बयानों का सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध चिकित्सीय अभिलेखों से मिलान किया गया। जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर ओटी को सील करने का निर्णय लिया गया।
बताया गया कि हलकारा का पुरवा कनीगंज निवासी सुशील कुमार कौशल ने 16 दिसंबर को सीएमओ से शिकायत की थी कि उनकी मां की मौत इंजेक्शन की ओवरडोज से हुई है। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से निर्मला और सोना हॉस्पिटल की आईपीडी पर रोक लगा दी थी। साथ ही निर्मला हॉस्पिटल के बेसमेंट में संचालित आईसीयू को पहले ही सील किया जा चुका था।
जांच के दौरान निर्मला हॉस्पिटल की ओर से एक एमबीबीएस एमडी, तीन बीएमएस और चार जीएनएम के बयान दर्ज किए गए। हालांकि, जिन चिकित्सकों ने मृतका का प्रत्यक्ष उपचार किया था, वे बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुए। सोना हॉस्पिटल की ओर से चिकित्सक डॉ. हरिओम यादव ने अपना पक्ष रखा है, जबकि अन्य कर्मचारियों को बयान के लिए बुलाया गया है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश चौधरी ने बताया कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। वहीं सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्मला हॉस्पिटल की ओटी सील की गई है और पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सोना हॉस्पिटल की जांच भी अलग से चल रही है।