अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा भूजल सप्ताह समारोह (16 जुलाई से 22 जुलाई) के तहत शुक्रवार को वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह की पहल पर किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों और आमजन को जल संरक्षण व पर्यावरण संतुलन के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि भारत में विश्व की 16 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है, जबकि हमारे पास वैश्विक जल संसाधनों का केवल 4 प्रतिशत हिस्सा है। जल संकट एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिसे जन जागरूकता और भूजल संरक्षण के माध्यम से ही टाला जा सकता है।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल ने बताया कि वर्ष 2025 में देश में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता 1,434 क्यूबिक मीटर रह जाएगी, जो 2050 तक घटकर 1,219 क्यूबिक मीटर हो सकती है। उन्होंने कहा कि भूजल स्रोतों की सुरक्षा और पुनर्भरण की दिशा में हर व्यक्ति को योगदान देना चाहिए। उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश की 60 करोड़ आबादी जल संकट से जूझ रही है और हर साल दो लाख से अधिक लोगों की मौत प्रदूषित जल के कारण होती है।
कार्यक्रम में डॉ. महिमा चौरसिया, डॉ. रूद्र प्रताप सिंह, डॉ. संजीव श्रीवास्तव, डॉ. नमिता गुप्ता, श्री बृजेश और डॉ. अभिषेक सिंह सहित एमएससी पर्यावरण विज्ञान के छात्रों ने सक्रिय सहभागिता की। वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे जल संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध होकर व्यवहार में परिवर्तन लाएं और पर्यावरण संतुलन के लिए आगे बढ़कर कार्य करें। कार्यक्रम के अंत में वृक्षारोपण के माध्यम से भूजल पुनर्भरण और हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया गया।