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रीडगंज में 300 शैय्या सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का हुआ भूमि पूजन, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उठे सवाल

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◆ सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना के भूमि पूजन में जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं रहे मौजूद


◆ मामले की मुख्यमंत्री से की जाएगी शिकायत


अयोध्या। रीडगंज रामपथ पर प्रस्तावित 300 शैय्या वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का भूमि पूजन शुक्रवार को संपन्न हुआ, लेकिन सरकार की इतनी महत्वपूर्ण और बहुचर्चित परियोजना का शुभारंभ जिस तरह किया गया, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भूमि पूजन कार्यक्रम में न तो किसी जनप्रतिनिधि की उपस्थिति रही और न ही जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद दिखे। ऐसे में कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी ने भूमि पूजन की औपचारिकता पूरी की। लेकिन करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुभारंभ में जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं की अनुपस्थिति पूरे कार्यक्रम को चर्चा का विषय बना गई।

उल्लेखनीय है कि अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता की ओर से सीतापुर आई हॉस्पिटल की भूमि पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल निर्माण का प्रस्ताव दिया गया था, जिस पर बाद में प्रदेश कैबिनेट की बैठक में मुहर लगी थी। ऐसे में परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम की सूचना तक संबंधित जनप्रतिनिधि को न दिया जाना गंभीर लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है।

विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने  बताया कि भूमि पूजन की कोई जानकारी नही दी गई। मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र में इतनी बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजना के भूमि पूजन की जानकारी जनप्रतिनिधियों को न देना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तीन दिन बाद मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन पर पूरे मामले को उनके संज्ञान में लाया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।

शहर के रामपथ रोड स्थित रीडगंज क्षेत्र में लगभग 163.71 करोड़ रुपये की लागत से 300 शैय्या वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाना है। इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पहली किस्त के रूप में 48 करोड़ रुपये जारी भी किए जा चुके हैं। अस्पताल का निर्माण रामपथ रोड स्थित सीतापुर आंख अस्पताल की भूमि पर ईपीसी मोड के तहत किया जाएगा।


शहर के बीच में होने से होगी बेहतर कनेक्टिविटी


प्रस्तावित प्रतीकात्मक फोटो

प्रस्तावित भूमि चौक गुलाबबाड़ी के निकट रामपथ पर स्थित है। यह सुगम आवागमन के लिए उपयुक्त है। रामपथ से सटा हुआ होने के कारण यहां सुगमता से पहुंचा जा सकता है। प्रस्तावित भूमि से लगभग 2.5 किमी. की दूरी पर जिला चिकित्सालय स्थित है। एवं लगभग 4 किमी की दूरी पर श्रीराम चिकित्सालय, 6 किमी की दूरी पर मेडिकल कालेज व 5 किमी की दूरी पर श्रीरामजन्मभूमि मंदिर स्थित है।


अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा हॉस्पिटल


प्रस्तावित प्रतीकात्मक फोटो

इस 300 बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जो विभिन्न विशेषज्ञताओं में उपचार प्रदान करेगा। अस्पताल का निर्माण रामपथ पर स्थित सीतापुर आंख अस्पताल की जगह पर किया जाएगा। इस स्थान का चयन इसलिए किया गया है ताकि यह अधिक से अधिक लोगों के लिए आसानी से सुलभ हो सके। राम मंदिर , एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन ब बस अड्डे से 10 किमी की दूरी पर यह अस्पताल संचालित होगा।


लोगों को बड़े शहर जाने से मिलेगी मुक्ति


वर्तमान में अयोध्या और इसके आसपास के क्षेत्रों में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की कमी है। इस कारण गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को लखनऊ या अन्य बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के बनने से स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे लोगों का समय और धन दोनों की बचत होगी।


क्या है ईपीसी मोड


ईपीसी मोड का मतलब इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन है। यह एक अनुबंध मॉडल है जिसमें एक ठेकेदार पूरी परियोजना की जिम्मेदारी लेता है। इसमें ठेकेदार समय और बजट के भीतर काम पूरा करने का जोखिम उठाता है। यह मॉडल परियोजना मालिक के लिए सुविधाजनक है, क्योंकि एक ही ठेकेदार से संचार होता है। अमूमन इस समय सभी प्रोजेक्ट ईपीसी मोड पर ही चल रहे हैं। इसमें डेडलाइन के भीतर ही काम करना होता है।


अस्पताल की दो साइट चलेगी


साइट-1 में क्या क्या रहेगा


मुख्य चिकित्सालय भवन (बी+एलबीयूजी+7) का निर्माण कार्य, बेसमेन्ट में 225 कार क्षमता हेतु पार्किंग का निर्माण कार्य, लोवर बेसमेन्ट में रेडियोलॉजी, मेडिकल सर्विसेस एवं पार्किंग का निर्माण, अपर ग्राउण्ड फ्लोर पर इमर्जेन्सी हेतु 26 बेड क्षमता एवं डीयू काम्प्लेक्स का निर्माण, प्रथम तल पर ओपीडी का निर्माण, द्वितीय तल पर एसएनसीयू (20 बेड)- एमएनसीयू काम्प्लेक्स (39 बेड) एवं एनआईसीयू (छह बेड) का निर्माण, तृतीय एवं चतुर्थ तल पर जनरल वार्ड के लिए 160 बेड क्षमता का निर्माण, पंचम तल पर आईसीयू बेड एवं प्राइवेट वार्ड का निर्माण, छठे तल पर ओटी एवं सीएसएसडी का निर्माण कार्य, सातवें तल पर एडमिनिस्ट्रेटिव विभाग का निर्माण कार्य।


साइट-2 में होंगे ये निर्माण


22 बेड क्षमता के नर्स हॉस्टल का निर्माण कार्य, टाइप-2 के 36 नग आवासों का निर्माण कार्य, टाइप-3 के 4 नग आवासों का निर्माण कार्य, चिकित्साधिकारी हेतु टाइप-4 के 20 नग आवासों का निर्माण कार्य, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी हेतु टाइप-5 के 4 नग आवासों का निर्माण कार्य,वाहय विकास का कार्य, अन्य विविध कार्य सर्विस ट्रेंच, चेम्बर यूजीटी, एसटीपी एवं ईटीपी. सबस्टेशन, फायर फाइटिंग तथा बाह्य विद्युतीकरण का कार्य।

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