◆ स्थानीय शिल्पकारों के छह लाख से अधिक दीयों का होगा उपयोग
अयोध्या । ‘अयोध्या समाचार’ में एक दिन पूर्व प्रकाशित खबर में स्थानीय कुम्हारों की व्यथा उजागर होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। परिणामस्वरूप अब दीपोत्सव-2025 में अयोध्या व आसपास के ग्रामों में निर्मित दीयों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है।
सोमवार को श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की अध्यक्षता में दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में यह तय किया गया कि इस वर्ष के दीपोत्सव में छह लाख से अधिक दीयों की आपूर्ति स्थानीय शिल्पकारों से कराई जाएगी, ताकि कुम्हार समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की ओर से बताया गया कि अयोध्या जनपद के रानोपाली, जयसिंहपुर और नगरिया समेत अन्य ग्रामों में कुम्हारों द्वारा लाखों दीयों का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम रानोपाली के सूचित प्रजापति को छह लाख, जयसिंहपुर के बृजकिशोर को चार लाख तथा नगरिया की श्रीमती पिंकी को एक लाख दीयों की आपूर्ति का आदेश दिया गया है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने निर्देश दिए कि दीपोत्सव-2025 में स्थानीय दीयों के उपयोग को प्राथमिकता दी जाए, ताकि पारंपरिक शिल्पकला को संरक्षण मिले और कुम्हारों को रोजगार का अवसर प्राप्त हो।
बैठक में संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी पी.एन. सिंह व धीरज श्रीवास्तव, गुड़ विकास निरीक्षक उमाकांत गुप्ता, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी राकेश दूबे, मे० प्रतिभा प्रेस एंड मल्टीमीडिया प्रा० लि० के प्रतिनिधि तथा स्थानीय दीपक निर्माता राजेश कुमार प्रजापति (जयसिंहपुर) उपस्थित रहे।
इस निर्णय से स्थानीय कुम्हारों में हर्ष है, जिन्होंने आशा जताई कि इस बार दीपोत्सव की रोशनी में उनकी मेहनत की लौ भी जगमगाएगी।