◆ इन फर्मो ने भारी मात्रा में किया था सिरप की खरीद
◆ नशे के लिए प्रयोग में आता है कोडीन युक्त सीरप
अयोध्या। इस समय कोडीन युक्त सिरप के खरीद -ब्रिकी की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है। इसकी तस्करी को लेकर कई पर कार्रवाई भी हो चुकी है। प्रदेश के सभी जनपदों में इसको लेकर जांच व निगरानी का दायरा बढ़ा दिया गया है। जिले में भी छह फर्मो की जांच हो रही है। इन फर्मो ने जांच के दायरे में आयी दो कम्पनी से कोडीन युक्त सीरप की खरीद किया था। जिसकी जांच करने के लिए लखनऊ मुख्यालय ने इन्हें निर्देश जारी किया है। जिला स्तर पर इनके द्वारा बेचे गये सीरप में तस्करी जैसा मामला सामने नहीं आया है। इन फर्मो ने गैर जनपद में भी सिरप की बिक्री थी। जिसकी जांच चल रही है।
ड्रग इंस्पेक्टर आलोक त्रिवेदी ने बताया कि लखनऊ में नशा मुक्त अभियान के तहत की गई जांच के दौरान दो फर्मों से भारी पैमाने पर कोडीन सिरप सप्लाई होने की पुष्टि हुई। इसके बाद सप्लाई चेन को खंगाला गया और हर उस स्थान की सूची बनाई गई, जहां यह सिरप भेजा गया था। भेजे गए बिलों का मिलान शुरू हुआ, जिसमें कई जगह केवल कागजी बिलिंग होने और माल का मूवमेंट न मिलने जैसी गड़बड़ियां सामने आईं। जिले की छह फर्मों की खरीद से जुड़ी जानकारी लखनऊ से मिली। इनके बिक्री की जांच की जा रही है। इन फर्मो ने जिले व उसके बार गोण्डा, बस्ती, अम्बेडकरनगर जैसे जनपदों में इस सिरप की सप्लाई किया है। जिसका वेरीफिकेशन किया जा रहा है। अभी तक की जांच में तस्करी जैसा कुछ भी सामने नहीं आया है । उन्होंने बताया कि बताया कि नियम के अनुसार कोडीनयुक्त सिरप केवल पर्चे पर ही बेचा जा सकता है और एक ग्राहक को एक बार में सिर्फ एक बोतल ही उपलब्ध कराई जा सकती है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में मिलावटी डायएथिलीन सिरप से हुए कई मौतों के बाद अयोध्या में भी विभाग सक्रिय हुआ था। मेडिकल स्टोर्स और अस्पतालों से सिरप के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए थे। ड्रग इंस्पेक्टर आलोक त्रिवेदी ने बताया कि अब तक आई रिपोर्टों में किसी भी तरह की हानिकारक मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है।