आलापुर अम्बेडकर नगर। नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर में सड़क पर अवैध अतिक्रमण ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। जहाँ राहगीरों को आवागमन में दिक्कत हो रही है, वहीं ठेले वालों की दबंगई से दुकानदार परेशान हैं। उपजिलाधिकारी आलापुर द्वारा अतिक्रमण हटाने का आदेश दिए जाने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन सिर्फ नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
मामला नगर पंचायत के वार्ड नंबर 12 का है। राजेसुल्तानपुर मुख्य चौक पर स्थित वकील अहमद के मकान में किरायेदार कपड़े और पेंट की दुकान चलाते हैं। आरोप है कि दुकान के सामने दिनेश सोनकर, विकास सोनकर, सोवर्धन सोनकर और मुकेश सोनकर दबंगई के बल पर ठेले लगाकर कब्जा किए हुए हैं। इससे दुकान का पूरा सामने का हिस्सा बाधित हो गया है और दुकानदारों के लिए यह बड़ी समस्या बन गई है।
बताया जा रहा है कि 13 अगस्त की रात अतिक्रमणकारी लोगों ने दुकान के सामने स्थायी रूप से छप्पर रखने और पटाई गई मिट्टी हटाने का प्रयास किया। मकान मालिक के विरोध करने पर मामला उपजिलाधिकारी आलापुर और थानाध्यक्ष तक पहुँचा। थाने में हुई सुलह में अतिक्रमण हटाने का लिखित समझौता भी हुआ, लेकिन आरोपी पक्ष अब तक पीछे हटने को तैयार नहीं है।
स्थिति को देखते हुए उपजिलाधिकारी आलापुर ने थानाध्यक्ष और नगर पंचायत प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, मगर अधिशासी अधिकारी ने केवल नोटिस जारी कर कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी। इस लापरवाही के चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि न्यायालय और उच्च अधिकारियों द्वारा स्पष्ट आदेश हैं कि सड़क किनारे पटरियों पर अतिक्रमण न हो, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन की निष्क्रियता से दुकानदारों और मकान मालिकों को लगातार गाली-गलौज और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अविलंब प्रभावी कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाया जाए और दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।