अंबेडकर नगर। बलरामपुर ग्राम सभा में सरकारी राशन की दुकान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। महादेवा आजीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा जिला खाद्य पूर्ति अधिकारी को दी गई शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि ग्राम सभा के सरकारी कोटे का संचालन नियमों के विरुद्ध किया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, बलरामपुर ग्राम सभा का कोटा स्व. प्रभावती शुक्ला के नाम पर था, जिनका बीते 29 जुलाई को निधन हो गया। बावजूद इसके, दुकान का आवंटन अब तक नहीं किया गया, जबकि राशन का वितरण उनके पुत्र वेद प्रकाश शुक्ला द्वारा विभागीय मिलीभगत से अवैध रूप से किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता समूह ने यह भी आरोप लगाया कि स्व. प्रभावती शुक्ला के दूसरे पुत्र सूर्य प्रकाश शुक्ला नगर पंचायत इल्तिफातगंज में भी एक सरकारी राशन की दुकान का संचालन कर रहे हैं। शासनादेश के नियमों के अनुसार, एक ही परिवार में दो कोटे का संचालन पूर्णतः अवैध है।
महादेवा आजीविका स्वयं सहायता समूह ने कोटे के पुनः चयन और आवंटन के लिए चुनाव कराने की मांग की है, ताकि नियमानुसार पात्र संस्था को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सके। समूह का कहना है कि उन्होंने बीते 28 सितंबर को भी जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी, लेकिन वहां फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामला निस्तारित कर दिया गया। आरोप है कि जांच अधिकारी ने मोटी रकम लेकर झूठी रिपोर्ट तैयार की।
इसी प्रकरण में सोमवार को खाद्य पूर्ति विभाग के एक अधिकारी गुपचुप तरीके से जांच के लिए गांव पहुंचे। जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने जांच अधिकारी का घेराव कर लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी वेद प्रकाश शुक्ला से मिले हुए हैं और झूठी आख्या प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे थे।
ग्रामीणों ने मौके पर वीडियो बनाना शुरू किया, तो अधिकारी वहां से भाग खड़े हुए। इस घटना से गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।