अयोध्या। सर्किट हाउस सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में कृषि मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विकसित भारत- जीरामजी बिल को लेकर मीडिया के सामने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस बिल के लागू होने से ग्रामीण रोजगार योजना को कानूनी गारंटी मिली है और ग्रामीण मजदूरों के हितों को मजबूती प्रदान की गई है।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि विकसित भारत- जीरामजी बिल के तहत अब रोजगार गारंटी की अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे मजदूरों को पूरे 125 दिन काम मिलने की सुनिश्चित व्यवस्था की गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पहले मनरेगा के अंतर्गत केवल मिट्टी से जुड़े कार्य ही कराए जाते थे, लेकिन अब कार्यों का दायरा बढ़ाया गया है। योजना में नाले-नालियों का निर्माण, आरसीसी सड़कों का निर्माण और जल निकासी से जुड़े कार्यों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही बाढ़ एवं अन्य आपदाओं से बचाव के कार्य भी अब मनरेगा के तहत कराए जा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान चाहें तो गांव की आवश्यकता के अनुसार बांध निर्माण भी करा सकेंगे। अब योजना में स्थायी परिसंपत्तियों (परमानेंट एसेट) के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है, जिससे गांवों का दीर्घकालिक विकास संभव होगा।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि मजदूरी का भुगतान प्रत्येक सप्ताह किया जाएगा और किसी कारणवश देरी होने पर ब्याज सहित भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। कृषि कार्य के समय 60 दिनों का ब्रेक रखा गया है तथा योजना में निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।