जलालपुर अंबेडकर नगर। लगातार चल रहे साइबर जागरूकता अभियान का सकारात्मक प्रभाव अब क्षेत्र में दिखने लगा है। जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में एक अधिवक्ता साइबर ठगी का शिकार होने से बच गए।
जानकारी के अनुसार जलालपुर तहसील में प्रैक्टिस कर रहे 50 वर्षीय अधिवक्ता राजेश यादव को बुधवार सुबह मोबाइल पर 45 हजार डेबिट होने का एक संदिग्ध संदेश मिला। इसी दौरान एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को उनका रिश्तेदार डॉ. बनारसी’ बताया और कहा कि बैंक खाते की केवाईसी न होने के कारण उसकी रकम अस्थायी रूप से अधिवक्ता के खाते में ट्रांसफर की जा रही है। इलाज के नाम पर उसने तुरंत 20 हजार एक अन्य खाते में भेजने की मांग की।
संदेह होने पर अधिवक्ता राजेश यादव ने तत्काल अपने वास्तविक रिश्तेदार डॉक्टर बनारसी से संपर्क किया, जहां पता चला कि न तो उन्होंने कोई पैसे भेजे हैं और न ही किसी प्रकार की मांग की है। ठगी की नीयत भांपते ही अधिवक्ता ने संदिग्ध मोबाइल नंबर को तुरंत ब्लॉक कर दिया और किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से इन्कार कर दिया। अधिवक्ता राजेश यादव ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर या संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें। खाते, ओटीपी या निजी जानकारी कभी साझा न करें और संदेह की स्थिति में सीधे संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें।