अयोध्या। नगर निगम अयोध्या में महापौर और पार्षदों के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को पार्षदों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए 10 दिनों के भीतर बोर्ड बैठक बुलाने की मांग की। विरोधी दल नेता विशाल पाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में मेयर महंत गिरीश पति त्रिपाठी पर पार्षदों ने आरोप लगाया कि वे जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा कर रहे हैं और नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर मौन साधे हुए हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि पिछली बोर्ड बैठक में पार्षद जनहित और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन महापौर बिना किसी ठोस कारण के बीच बैठक छोड़कर चले गए।आरोप लगाया गया कि बोर्ड बैठक का समापन राष्ट्रगान से होता है, लेकिन महापौर ने बिना राष्ट्रगान कराए सदन से निकलकर लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान किया। उन्होंने कार्यकारिणी चुनाव को लेकर भी सवाल उठाए। आरोप है कि दो माह पूर्व ही गठित कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा हुए बिना ही नई कार्यकारिणी के चुनाव की घोषणा कर दी गई, ताकि जनहित और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों में बोर्ड बैठक नहीं बुलाई गई, तो वे सामूहिक रणनीति बनाकर आंदोलनात्मक कदम उठाएंगे।
विशाल पाल ने कहा कि महापौर को यह नहीं भूलना चाहिए कि पार्षद भी जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर जनहित के मुद्दों को सुनना नहीं चाहते। पार्षद राम भवन यादव ने कहा कि नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए बोर्ड बैठक नहीं कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि महापौर बेवजह के मुद्दों में पार्षदों को उलझाकर जनता के सवालों से बचना चाहते हैं।
सांसद प्रतिनिधि हामिद जाफर मीसम ने कहा कि महापौर को सपा पर टिप्पणी करने से पहले खुद के कार्यों का मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बारिश होते ही शहर की सड़कों का बुरा हाल हो जाता है, जलभराव से नागरिक परेशान रहते हैं और महापौर जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 10 दिन में बैठक नहीं बुलाई गई तो पार्षद मिलकर अगली रणनीति तय करेंगे।
ज्ञापन में राशिद सलीम घोसी, अखिलेश पांडे, कुंती, कफील अहमद, गुंजा निषाद, धर्मवीर, कृष्ण गोपाल, कौसर जहां, अदनान, ज्ञानमती, विशाल यादव, मुकेश कुमार, वकार अहमद, सलीम अंसारी, अर्जुन यादव, सूर्य प्रकाश, जगत नारायण यादव, इंद्रावती, शहनूर बनो, मीरा देवी, प्रिय शुक्ला, विश्वजीत यादव, सुमन यादव, सर्वजीत कुमार, अनुभव सहित 29 पार्षदों के हस्ताक्षर हैं।