अयोध्या। वाराणसी में मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के साथ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और उनके परिजनों को परेशान किए जाने के आरोपों को लेकर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन के समक्ष आयोजित प्रदर्शन के बाद राजपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 11 जनवरी 2026 को वाराणसी में एसआईआर, वोट चोरी और मनरेगा का नाम बदले जाने के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं व राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के साथ पुलिस ने बर्बरता की। साथ ही गिरफ्तारी के बाद उनके परिवारजनों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भी परेशान किया गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।
प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई भाजपा सरकार के इशारे पर की गई पुलिसिया दमन की मिसाल है, जिसे कांग्रेस किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी। महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण रानू ने कहा कि यह केवल एनएसयूआई पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला है। पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार पर वोट चोरी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया, जबकि पूर्व जिला अध्यक्ष रामदास वर्मा ने कहा कि असहमति को अपराध बनाया जा रहा है।
कांग्रेस पार्टी ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें न माने जाने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में पीसीसी सदस्य राम अवध पासी, राजकुमार पांडे, सेवा दल महानगर अध्यक्ष बसंत मिश्रा, महिला महानगर अध्यक्ष नाजिश फातिमा, एनएसयूआई अध्यक्ष जय प्रताप गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।