अयोध्या। केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम और प्रारूप में बदलाव किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को एकदिवसीय सत्याग्रह और प्रदर्शन किया। महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम के नेतृत्व में यह सत्याग्रह कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन में आयोजित किया गया। इसके पश्चात कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की तस्वीर हाथ में लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के माध्यम से मनरेगा को कमजोर किए जाने के प्रयासों का विरोध दर्ज कराया गया।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व सभासद जनार्दन मिश्रा ने किया। सत्याग्रह को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्गों की आजीविका से जुड़ा कानून है। उन्होंने कहा कि इसके नाम या स्वरूप में बदलाव करना महात्मा गांधी के विचारों और ग्रामीण जनता के अधिकारों के विरुद्ध है। पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध हुआ है और बड़ी संख्या में परिवारों को आर्थिक सहारा मिला है। उन्होंने कहा कि इसे कमजोर करने का कांग्रेस पार्टी विरोध करेगी।
पूर्व जिला अध्यक्ष रामदास वर्मा और पीसीसी सदस्य राम अवध पासी ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा के नाम व स्वरूप में बदलाव अथवा इसे समाप्त करने के प्रयास वापस नहीं लिए, तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
जिला प्रवक्ता शीतला पाठक ने बताया कि कार्यक्रम में पीसीसी सदस्य उग्रसेन मिश्रा, अशोक कनौजिया, राजकुमार पांडे, सेवादल महानगर अध्यक्ष बसंत मिश्रा सहित अशोक कुमार शर्मा, अशोक राय, धर्मेंद्र सिंह फास्टर, उमेश उपाध्याय, रामचरित्र वर्मा, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आरिफ, अंकित कुमार निषाद, शत्रुघ्न कोरी, चंचल सोनकर, प्रेम कुमार पांडे, उदय प्रताप सिंह, डॉ. विनोद गुप्ता, देव कुमार वर्मा, अरुण कुमार मिश्रा, श्रीकांत मिश्रा और विजय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।