Saturday, March 7, 2026
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मुख्यमंत्री पहुंचे अयोध्या, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की लिया जानकारी


◆ ध्वजारोहण से पहले अयोध्या हुई राममय, घरों में लगे भगवा ध्वज


◆ 100 टन से अधिक फूलों से मंदिर को परिसर को गया है सजाया


अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने हनुमानगढ़ी और रामलला का दर्शन कर आशीर्वाद लिया, फिर पीएम के सभी रूटों का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए। योगी ने कहा कि 25 नवंबर को अयोध्या धाम का नाम फिर से इतिहास के स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा। भगवान राम के जीवन मूल्यों से प्रेरित यह ध्वजारोहण नए युग की शुरुआत करेगा। यह समारोह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक है।


वैदिक मंत्रों के बीच प्रधानमंत्री फहराएंगे केसरिया ध्वज


रामनगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। विवाह पंचमी के अवसर पर 25 नवंबर को श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भव्य ध्वजारोहण समारोह आयोजित होगा। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे, जो वैदिक मंत्रों की ध्वनि के बीच केसरिया रंग का विशेष ध्वज फहराएंगे। यह समारोह न केवल मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का प्रतीक होगा, बल्कि सदियों पुरानी आस्था और समर्पण की विजय का भी संदेश देगा। पूरे शहर में उत्साह का संचार है, हर कोना राममय हो चुका है। सड़कों पर फूलों की वर्षा, मंदिर परिसर में 100 टन से अधिक फूलों की सजावट और जय श्री राम के जयकारे गूंज रहे हैं।
राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां चरम पर है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार यह आयोजन स्थित जमीन से मंदिर के मुख्य शिखर पर 191 फीट ऊंचाई 22 फीट लंबाई, चौड़ाई 11 फीट हैं, त्रिकोणीय केसरिया ध्वज फहराने के साथ संपन्न होगा। ध्वज पर सूर्यवंश के प्रतीक के रूप में सूर्य चिन्ह और ओंकार अंकित है, जो त्याग, तप और सनातन परंपरा का प्रतीक है। अहमदाबाद में तैयार यह ध्वज ऑटोमैटिक सिस्टम से फहराया जाएगा, जिससे पुजारियों को शिखर पर चढ़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी सुबह लगभग दस बजे महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद वे हेलीकॉप्टर से भारी सुरक्षा के बीच साकेत महाविद्यालय पहुंचेंगे। यहां वैदिक परंपरा के अनुरूप 501 ब्राह्मण बटुकों द्वारा स्वस्ति वाचन, संतों के शंखनाद और घंटा-घड़ियाल की पवित्र ध्वनि के बीच उनका स्वागत होगा। साकेत से राम मंदिर परिसर तक रामपथ पर रोड शो होगा, जिसमें स्कूली बच्चे, महिलाएं और स्थानीय निवासी जगह-जगह पुष्प वर्षा करेंगे। रास्ते में सात स्थानों पर सांस्कृतिक मंच स्थापित हैं, जहां रामायण पर आधारित नृत्य, संगीत और लोक कलाओं की प्रस्तुतियां होंगी। सांस्कृतिक उत्सव में भारतीय परंपराओं, अध्यात्म और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन होगा।


21 से चल रहा है अनुष्ठान


ध्वजारोहण का मुहूर्त 11ः58 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक निर्धारित है, जो भगवान राम के जन्म नक्षत्र अभिजीत मुहूर्त से मेल खाता है। इससे पूर्व 21 से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान चल रहे हैं, जिसमें अयोध्या और काशी के प्रमुख संत-महात्मा विष्णु सहस्रनाम, अथर्वशीर्ष मंत्रों और यज्ञ कुंड पूजन कर रहे हैं।


अतिथियों को करेंगे संबोधित


मंदिर परिसर में पहुंचने पर मोदी राम दरबार गर्भगृह में रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद माता अन्नपूर्णा मंदिर में प्रार्थना के बाद वे मुख्य समारोह में भाग लेंगे। पांच मिनट के संक्षिप्त ध्वजारोहण अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वे बटन दबाकर ध्वज फहराएंगे। कार्यक्रम को वह संबोधित भी करेंगे। समारोह के साक्षी बनने के लिए 6 से 7 हजार अतिथि पहुंचेंगे, जिनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजपाल आनंदीबेन पटेल धर्मगुरु, व्यापार जगत के प्रमुख नाम, दलित, वंचित, ट्रांसजेंडर और अघोरी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके बाद वे सप्तऋषि मंदिर में दर्शन कर सकेंगे।


पीएम मोदी क्रॉसिंग 11 से परिसर में करेंगे प्रवेश


प्रधानमंत्री मोदी क्रॉसिंग 11 आद्यगुरु शंकराचार्य द्वार से प्रवेश करेंगे दर्शन के बाद मंदिर परिसर में सप्त मंडप एवं रामायण की थ्रीडी म्यूरल्स का अवलोकन करेंगे, एलएनटी के अधिकारियों व कर्मचारी से बात भी करेंगे।

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