अयोध्या। गर्भवती महिलाओं को अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से मेडिकल कॉलेज या जिला महिला अस्पताल रेफर किए जाने की स्थिति में उनके साथ अस्पताल का एक स्टाफ भी भेजा जाएगा। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने इस संबंध में सभी सीएचसी अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
यह निर्णय उन शिकायतों के बाद लिया गया है जिनमें एम्बुलेंस चालकों द्वारा लाभार्थियों पर निजी अस्पतालों में इलाज कराने का दबाव बनाए जाने के आरोप सामने आए थे। साथ ही, सरकारी अस्पतालों में समय पर काउंसलिंग और उपचार न मिलने से कई गर्भवती महिलाएं परेशान होकर निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रही थीं।
सीएमओ ने कहा कि जटिल प्रसव की स्थिति में महिलाओं को केवल 102 या 108 एम्बुलेंस के माध्यम से ही रेफर किया जाए। साथ ही, उनके साथ एक स्टाफ नर्स या स्वास्थ्य कर्मी जरूर भेजा जाए, ताकि उन्हें भर्ती कराने और तत्काल उपचार में सहायता मिल सके।
रेफर किए गए मरीजों का विवरण रेफरल पंजिका और केस शीट पर भी दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था से सरकारी अस्पतालों की साख और सेवा में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।