जलालपुर अम्बेडकर नगर। ब्लॉक जलालपुर के गौरा कमाल गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकत्री की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गांव की ही एक अन्य अभ्यर्थिनी बबीता ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नियुक्ति को अवैध ठहराया है और मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक की है। बबीता का आरोप है कि नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्री ममता कुमारी ने अपनी वास्तविक आय और संपत्ति को छिपाकर फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता कुमारी के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है, उनके परिवार में डॉक्टर, मास्टर हैं, दो मंजिला पक्का मकान है और पति रफीगंज में पेंट की दुकान चलाते हैं। बावजूद इसके, लेखपाल की मिलीभगत से मात्र 40 हजार 800 सौ वार्षिक आय दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवा लिया गया। बबीता ने खुद को आर्थिक रूप से कमजोर बताते हुए कहा कि मेरी वास्तविक स्थिति कमज़ोर होने के बावजूद मेरा आय प्रमाण पत्र 48 हजार वार्षिक दर्शाया गया है, जिससे मुझे पात्र होते हुए भी चयन से वंचित कर दिया गया। उन्होंने मांग की है कि ममता कुमारी की संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो उनकी नियुक्ति निरस्त की जाए।
सीडीपीओ ने कहा, संज्ञान में नहीं है मामला
इस पूरे मामले पर जब बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) जलालपुर शेषनाथ वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत प्राप्त होती है तो जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।