Sunday, April 6, 2025
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भुवन भाष्कर करेंगे श्रीरामलला का मस्तकाभिषेक, दर्शनार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं


◆ पर्यटन विभाग द्वारा रामोत्सव 2025 की हुई शुरूआत, रामकथा पार्क में सांस्कृतिक संध्या


अयोध्या। रामनवमी का आयोजन ऐतिहासिक और अभूतपूर्व होने जा रहा है। रामनवमी पर श्रीरामलला के ललाट पर 12 बजे भगवान सूर्य द्वारा तिलक किया जाएगा। इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, जिससे यह पर्व भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया जा सके। भगवान राम के मस्तकाभिषेक की तैयारियों के साथ ही अयोध्या के विभिन्न मंदिरों में धार्मिक आयोजनों की धूम मची हुई है। पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित रामोत्सव की शुरुआत हो गई, जिसका उद्घाटन महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने किया।

रामनवमी के अवसर पर रामकथा पार्क के पास पक्की पार्किंग में सांस्कृतिक आयोजनों की झड़ी लगने वाली है। श्री राम जन्मोत्सव को और खास बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने हेरिटेज वॉक का आयोजन किया। यह वॉक दशरथ महल से शुरू होकर हनुमानगढ़ी, राम जन्मभूमि, कनक भवन, मतगजेंद्र मंदिर होते हुए नया घाट स्थित रानी हो पार्क पर संपन्न हुई। हेरिटेज वॉक में भगवान शिव और मां पार्वती के स्वरूप के साथ नारद का स्वरूप आकर्षण का केंद्र बना। इसके अलावा, भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी की सेवक वानर सेना ने भी इस वॉक में हिस्सा लिया, जिसने इसे और भव्य बनाया। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।


एलईडी पर होगा लाइव प्रसारण


अयोध्या के प्रमुख स्थानों पर श्रीराम जन्मोत्सव का लाइव प्रसारण सूचना विभाग द्वारा स्थापित फिक्स एलईडी व विभिन्न स्थानों पर एलईडी डिस्प्ले बोर्ड आदि के माध्यम से दूरदर्शन द्वारा जारी किये गये लाइव लिंक के अनुसार किया जायेगा, जिससे अयोध्या आने वाले श्रद्वालु श्रीराम जन्मोत्सव को देख सकेंगें।


हेरिटेज वाक से मिली अयोध्या की समृद्ध विरासत की जानकारी


 शनिवार से शुरू होने वाले सांस्कृतिक आयोजनों में नृत्य, संगीत और नाटक के माध्यम से रामायण की कथाओं को जीवंत किया जाएगा। पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित हेरिटेज वॉक में शामिल श्रद्धालु और पर्यटको को अयोध्या की समृद्ध विरासत की जानकारी मिली। हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन के साथ-साथ कनक भवन और मतगजेंद्र मंदिर की यात्रा ने इस अनुभव को और समृद्ध बनाया। वॉक के दौरान भगवान शिव, मां पार्वती और नारद के स्वरूपों ने इसे एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभव में बदल दिया। हनुमान जी की वानर सेना के स्वरूप ने बच्चों और युवाओं के बीच खास उत्साह पैदा किया।

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