Saturday, March 7, 2026
HomeAyodhya/Ambedkar Nagarअम्बेडकर नगरनकारात्मक विचारों से ग्रसित रहने से होती है कई बीमारी : डा...

नकारात्मक विचारों से ग्रसित रहने से होती है कई बीमारी : डा मनदर्शन


◆ राजपूत रेजीमेंट की 14 बटालियन फील्ड पैविलियन में कार्यशाला को डा आलोक मनदर्शन ने किया सम्बोधित


अयोध्या। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मनीन्द्र धनकड़ के निर्देशन व लेफ्टीनेंट कर्नल एस के सिंह के संयोजन में राजपूत रेजीमेंट की 14 बटालियन फील्ड पैविलियन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डा आलोक मनदर्शन ने बताया कि नकारात्मक विचारों से ग्रसित रहने से स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसाल व एड्रेनिल बढ़ कर घबराहट, भय, अनिद्रा, हृदय की असामान्यत अनुभूति, पेट खराब रहना, शरीर दर्द व थकान, सरदर्द, किसी बड़ी बीमारी होने का भय, ओसीडी यानि अति साफ-सफाई व किसी कार्य को बार-बार करना, बेवजह की जांच व डॉक्टर सलाह आदि लक्षण दिख सकते है।
उन्होंने बताया कि ब्रेन के तीन प्रमुख हिस्से होते हैं, जिनमे पहला प्रीफ्रंटल- कार्टेक्स है जो भावनात्मक संयम व सकारात्मकता तथा दूसरा एमिग्डाला जिसे स्ट्रेस सेंटर तथा तीसरा हिप्पोकैंपस यानि ब्रेन-लाइब्रेरी है जिसमें स्मृतियाँ संग्रहीत होती है। मूड-स्टेबलाइज़र हार्मोंन सेरोटोनिन की कमी से इन तीनो की सॉफ्ट प्रोग्रामिंग बिगड़ जाने से एंग्जाइटी-डिसऑर्डर व मनोशारीरिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। साथ ही हैप्पी हार्मोन डोपामिन, ऑक्सीटोसिन व इंडॉर्फिन की कमी हो जाने से नीरसता,उदासी व हताशा होने लगती है जो अवसाद की तरफ ले जाते हैं । तेजी से बढ़ रहे डिजिटल-एडिक्शन, ऑनलाइन गेमिंग व गैंबलिंग, शेयर सट्टेबाजी तथा बोगस शेयर मार्केट प्लेटफार्म की लत नया मनोबाध्यता विकार या कंपल्सिव डिसऑर्डर बन चुका है जिसके लिये एडिक्टिव ब्रेन हार्मोन डोपामिन की अति सक्रियता जिम्मेदार है। एंटी-एंग्जायटी, सेरोटोनिन वर्धक व डोपामिन नियंत्रक दवाओं के साथ काग्निटिव बिहियर थिरैपी उपचार मे अति कारगर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

RELATED ARTICLES

Most Popular

Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar

Recent Comments