◆ विश्व आयुर्वेद परिषद अयोध्या की मासिक बैठक सम्पन्न
अयोध्या। आधुनिक अस्वास्थ्यकर जीवनशैली में केवल आयुर्वेद ही वह पद्धति है, जो मनुष्य को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा प्रदान कर सकती है। यह न केवल रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है, बल्कि रोगों का समूल नाश करने में भी सक्षम है। उक्त विचार श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने विश्व आयुर्वेद परिषद अयोध्या इकाई की मासिक बैठक को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
“साकेत निलयम” संघ कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने उपस्थित आयुर्वेद चिकित्सकों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के समय में समाज को सबसे अधिक आवश्यकता प्राकृतिक और आयुर्वेदिक जीवनचर्या अपनाने की है।
बैठक की अध्यक्षता डॉ. लवकुश निगम व संचालन वैद्य विवेक श्रीवास्तव ने किया। सचिव डॉ. गरिमा सिंह ने आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार, समाज की स्वास्थ्य उन्नति और चिकित्सकों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्य संरक्षक एवं प्रचार प्रमुख डॉ. आनंद उपाध्याय तथा उत्तर प्रदेश के चिकित्सक प्रकोष्ठ सहप्रभारी डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने भी मार्गदर्शन दिया।
इस अवसर पर डॉ. राहुल सिंह, डॉ. समीक्षा और डॉ. पूजा का नए कार्यकारिणी सदस्य के रूप में स्वागत किया गया। कोषाध्यक्ष डॉ. राहुल कुमार गुप्ता द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों में से तीन सर्वसम्मति से पारित किए गए, जिनमें विद्यालयों में किशोरियों के लिए रजोदर्शन जागरूकता कार्यक्रम प्रमुख रहा। निर्णय लिया गया कि सभी प्रस्ताव सितंबर माह से लागू किए जाएंगे। बैठक का समापन भगवान धन्वंतरि स्तवन और शांति पाठ के साथ हुआ।