◆ मधुमेह और नशे के शिकार मरीजों में टीबी का खतरा कई गुना ज्यादा
अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए अयोध्या नगर निगम ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में नगर निगम ने दो सौ क्षय रोगियों को पोषण पोटलियों का वितरण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि “2025 तक अयोध्या को टीबी मुक्त बनाना हमारा संकल्प है और नगर निगम इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।”
महापौर ने बताया कि टीबी का इलाज अच्छे पोषण और समय पर दवाओं के सेवन से संभव है। नगर निगम ‘टीबी रोगी गोद अभियान’ के तहत मरीजों को गोद लेकर उनके उपचार, पोषण और देखभाल की व्यवस्था कर रहा है। उन्होंने नगरवासियों, खासकर संपन्न लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में भागीदार बनें।
अस्वच्छता से जुड़ा है टीबी का खतरा
अपर जिलाधिकारी नगर योगानंद पांडेय ने कहा कि टीबी का प्रकोप अस्वच्छता से जुड़ा हुआ है। साफ-सफाई के प्रति सजग रहना और लक्षण दिखते ही जांच कराना जरूरी है।
डायबिटीज और नशे के मरीजों पर ज्यादा खतरा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील कुमार बनियान ने कहा कि मधुमेह रोगियों, धूम्रपान करने वालों और शराब या नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों को टीबी होने का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में कई गुना अधिक होता है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएम शुक्ल ने बताया कि लगातार खांसी, वजन घटना, भूख की कमी, बुखार, रात में पसीना, खून की कमी और सीने में दर्द जैसे लक्षण टीबी की ओर इशारा कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने और समय पर इलाज शुरू करने की अपील की।
कार्यक्रम में जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. संदीप शुक्ल, डॉ. वेद प्रकाश, जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडेय, विजय पांडेय और प्रवेंद्र प्रताप सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।