अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से वायु गुणवत्ता अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) परियोजना के तहत अत्याधुनिक उपकरण प्राप्त हुए हैं। इन उपकरणों की कुल लागत ₹50 लाख से अधिक बताई जा रही है।
कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में विभाग को आठ रेस्पिरेबल डस्ट सैंपलर (आरडीएस) पीएम10, आठ पीएम₂.₅ सैंपलर तथा एक उच्च शुद्धता वाला अतिसूक्ष्म यंत्र प्राप्त हुआ है, जो वायु में मौजूद सूक्ष्म कणों को फिल्टर कर उनके वजन का सटीक आकलन करेगा। इन उपकरणों का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और अब इन्हें अंबेडकर नगर, गोंडा, बहराइच और श्रावस्ती जिलों में स्थापित किया जाएगा।
पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए मील का पत्थर है। अब विभाग क्षेत्रीय स्तर पर वायु प्रदूषण की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में सक्षम होगा। इससे न केवल शोध और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि हमारे छात्र और शोधार्थी वास्तविक परिस्थितियों में काम कर भविष्य के सक्षम पर्यावरण वैज्ञानिक बन सकेंगे।
उन्होंने बताया कि उपकरणों के संचालन के लिए शोध सहायक और फील्ड असिस्टेंट्स की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। एक सितंबर से इन्हें चयनित जिलों में स्थापित कर संचालन शुरू कर दिया जाएगा।