◆ 20 किमी लम्बा 900 करोड़ रुपए से बनेगा भरत पथ, रानोपाली से भरतकुंड को जोडेगा
अयोध्या। राम पथ, भक्ति पथ, जन्मभूमि पथ के बाद अब भरत पथ का निर्माण राम नगरी में होगा। प्रस्तावित भरत पथ रानोपाली से भरतकुंड तक जाएगा। इसकी लम्बाई 20 किमी होगी। परियोजना की अनुमानित लागत 900 करोड़ रुपये है। इसका प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने मुख्यालय को भेज दिया है। राम पथ, भक्ति पथ, जन्मभूमि पथ, और अब भरत पथ के अलावा पंचकोसी और चौदहकोसी परिक्रमा मार्गों के भी चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है।
20 किलोमीटर लंबा होगा भरत पथ
भरत पथ की कुल लंबाई 20 किलोमीटर होगी। यह मार्ग राम पथ के किनारे रानोपाली रेलवे क्रॉसिंग से शुरू होकर विद्याकुंड और दर्शननगर होते हुए प्रयागराज हाईवे पर भरतकुंड तक जाएगा। वर्तमान में यह मार्ग टू-लेन है। सड़क के दोनों तरफ 9-9 मीटर चौड़ाई होगी और बीच में 2.5 मीटर का डिवाइडर बनाया जाएगा। इस डिजाइन से मार्ग न केवल सुगम होगा, बल्कि यातायात के दृष्टिकोण से भी सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा।
भरतकुंड में 14 वर्षों तक भरत ने की थी तपस्या
भरतकुंड का रामायण में विशेष स्थान है। मान्यता है कि भगवान राम के वनवास के दौरान उनके अनुज भरत ने यहीं 14 वर्षों तक तपस्या की थी। राम के वनवास से लौटने पर उन्होंने यहीं अपने पिता राजा दशरथ का पिंडदान किया था। इस स्थल पर एक पौराणिक सरोवर भी है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है। पूर्वांचल और प्रयागराज से आने वाले श्रद्धालु इस पवित्र स्थल पर दर्शन-पूजन के लिए विशेष रूप से आते हैं। भरत पथ के निर्माण से इन श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा होगी और अयोध्या की धार्मिक यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी।
पथ पर रहेगी आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता एसपी भारती बताया कि भरत पथ के लिए डीपीआर मुख्यालय को भेज दी है। स्वीकृति मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। मार्ग पर दूधिया रोशनी कराने के लिए लाइटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी।