जलालपुर अंबेडकर नगर। करीब पखवाड़ा पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर में अधिवक्ता और फार्मासिस्ट के बीच हुए विवाद का मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। पुलिस ने चिकित्सा अधीक्षक की तहरीर पर अधिवक्ता के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सीएचसी नगपुर के अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते सात अगस्त को ग्राम कांदीपुर थाना मालीपुर निवासी अधिवक्ता अंजेश यादव अपनी पुत्री को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने आए थे। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद फार्मासिस्ट ने उन्हें पर्चा देकर बाहर कुर्सी पर बैठने को कहा। आरोप है कि इतना सुनते ही अंजेश यादव भड़क गए और धमकी देने लगे कि वह एडवोकेट हैं और किसी को काम नहीं करने देंगे। अधीक्षक ने बताया कि अधिवक्ता ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और लगभग आधे घंटे तक हंगामा करते रहे, जिससे अस्पताल का कामकाज प्रभावित हुआ और मरीजों को काफी देर तक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल सकीं। अधीक्षक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अधिवक्ता अंजेश यादव के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। गौरतलब है कि इससे पहले अधिवक्ता अंजेश कुमार ने भी अस्पताल के फार्मासिस्ट मनोज यादव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। उस समय स्वास्थ्यकर्मी लामबंद होकर विरोध में खड़े हो गए थे। कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।