जलालपुर अम्बेडकर नगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर में गुरुवार को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में जिला अस्पताल से पहुंचीं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. फौजिया शरीफ मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. फौजिया शरीफ ने मानसिक अस्वस्थता के विभिन्न लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनजाना भय, झुंझलाहट, अत्यधिक थकान, हाथों में कंपन, अंधेरे अथवा भीड़ में भय लगना, नींद न आना और एकाग्रता में कमी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन लक्षणों की उपेक्षा करना उचित नहीं है क्योंकि समय से इलाज मिलने पर यह समस्याएं पूरी तरह ठीक हो सकती हैं।
अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के मन में बार-बार एक ही विचार आए, और उस विचार को गलत मानते हुए भी वह उसे रोक न पाए, तो यह स्थिति “एंजायटी डिसऑर्डर” की श्रेणी में आती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका इलाज उपलब्ध है और रोगी पूर्णतः स्वस्थ हो सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद नोडल डॉक्टर कृष्ण यादव ने अवसाद (डिप्रेशन) के लक्षणों की चर्चा करते हुए बताया कि लगातार उदासी, निराशा, रोने की इच्छा, सुबह उठने की इच्छा न होना, आत्मग्लानि की भावना आदि इसके संकेत हैं। उन्होंने लोगों से मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने की अपील की।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में व्यक्ति अपने सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों के बीच अक्सर अवसाद का शिकार हो जाता है, लेकिन वह खुद को बीमार नहीं मानता। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्तर तक मानसिक रोगों का इलाज अब आसानी से उपलब्ध है और लोगों को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी, स्थानीय नागरिक और आशा बहुएं भी मौजूद रहीं। अंत में जागरूकता पंपलेट भी वितरित किए गए।