अयोध्या। आंदोलनकारियों, न्यायप्रिय साथियों तथा विभिन्न किसान संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा 30 जनवरी 2026 को गांधी पार्क में प्रस्तावित न्याय महापंचायत को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसे लेकर शाने अवध होटल में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में किसान नेताओं और विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि विकास खंडवार गांव-गांव जाकर जनसंपर्क किया गया है और बड़ी संख्या में किसान, मजदूर व न्यायप्रिय नागरिक गांधी पार्क पहुंचेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक व बीकापुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मायाराम वर्मा ने सोनोरा गाऊपुर निवासी शिवकुमार वर्मा पर हुए प्राणघातक हमले के आरोपियों को बचाने का पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। कमजोर पैरवी के चलते गिरफ्तार अभियुक्त भी रिहा हो चुके हैं, जिससे शिवकुमार वर्मा के जान-माल को खतरा बढ़ गया है। उन्होंने पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे आंदोलनकारियों के खिलाफ थाना तारुन में फर्जी तहरीर के आधार पर काफी विलंब से झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए पुलिस पर आंदोलन दबाने का आरोप लगाया।
अपना दल बलिहारी की राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मराज पटेल ने कहा कि तारुन के साथ-साथ हैदरगंज थाने में भी आंदोलनकारियों पर समान धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जो आंदोलन को कुचलने की कोशिश है। अपना दल कमेरावादी के प्रांतीय नेता रामशिला पटेल एडवोकेट ने विवाद की जड़ बताते हुए मांग की कि शिवकुमार वर्मा के घर के सामने स्थित नवीन परती भूमि का आवंटन उन्हें कर विवाद का स्थायी समाधान किया जाए।
राष्ट्रीय लोक दल के नेता राम शंकर वर्मा ने स्थानांतरण के बावजूद पुलिस अधिकारियों को कार्यमुक्त न किए जाने पर सवाल उठाए। प्रेस वार्ता में कई किसान नेता, जनप्रतिनिधि और विभिन्न दलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो 30 जनवरी की न्याय महापंचायत निर्णायक होगी।