अयोध्या। जिला अस्पताल परिसर शुक्रवार दोपहर उस समय अचानक सक्रिय हो उठा जब सायरन बजाते सेना के वाहन और एम्बुलेंस तेज रफ्तार से अस्पताल में दाखिल हुए। मेडिकल स्टाफ और सुरक्षाकर्मी तुरंत स्ट्रेचर लेकर बाहर पहुंचे और घायलों को वार्ड की ओर ले जाने लगे। हालांकि यह किसी वास्तविक आपदा की स्थिति नहीं थी, बल्कि सेना, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, आर्मी हॉस्पिटल और जिला अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आपदा प्रबंधन की मॉक ड्रिल थी।
अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में आर्मी हॉस्पिटल से घायलों को जिला अस्पताल में शीघ्र शिफ्ट कर उपचार उपलब्ध कराने की तैयारियों की परख करना था। योजना के तहत आर्मी हॉस्पिटल से करीब 10 लोगों को घायल के रूप में तैयार कर एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल लाया गया। इस दौरान पुलिस ने रास्ते में यातायात रोककर एम्बुलेंस को निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराया। अस्पताल पहुंचते ही घायलों को स्ट्रेचर से आयुष्मान वार्ड तक पहुंचाया गया, जहां उनका पंजीकरण कर उपचार की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई। सेना के जवान केस शीट के साथ मौजूद रहे और चिकित्सा दल ने तत्काल इलाज का अभ्यास किया।
अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि किसी भी आपदा से निपटने के लिए यह पूर्वाभ्यास किया गया, ताकि वास्तविक परिस्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान प्रबंधक राजेंद्र तिवारी और फार्मासिस्ट विजय वर्मा व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। अभ्यास से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की तैयारियों का आकलन किया गया।