जलालपुर, अंबेडकर नगर। विक्रम संवत नव वर्ष के पावन अवसर पर शिवाला घाट का वातावरण गुरुवार को भक्तिमय और दिव्य हो उठा। नव वर्ष चेतना समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य नव वर्ष महोत्सव ने भारतीय संस्कृति की अलौकिक छटा बिखेरी, जहाँ आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ पवित्र हवन-यज्ञ के साथ हुआ, जिसमें मंत्रोच्चार की गूंज ने पूरे घाट को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। लेकिन जैसे ही संध्या की बेला आई, घाट का नज़ारा मानो किसी स्वप्निल लोक जैसा हो गया। नव वर्ष के स्वागत में 1100 दीपों ने एक साथ जलकर घाट को जगमगा दिया। श्रद्धालुओं ने जब एक सुर में दीप प्रज्ज्वलित किए, तो वह दृश्य मनोहारी तो था ही, साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला भी था।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे जिला प्रभारी अयोध्या डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी ने कहा, हिंदू पंचांग केवल तिथियों का हिसाब नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना की धारा है। इस तरह के आयोजन हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और सामाजिक समरसता को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने नव वर्ष चेतना समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति की ओर लौटने की प्रेरणा देंगे।
महोत्सव में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में ग्रामीण जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने में पंकज वर्मा, संजीव मिश्रा, संदीप अग्रहरी, देवेश मिश्र, शाश्वत मिश्रा, अजीत निषाद, आशीष सोनी, आशाराम मौर्य, कृष्ण अग्रहरि, सुरेश गुप्ता, अरुण उपाध्याय, रामवृक्ष भार्गव और विकास सोनकर सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। दीपोत्सव की इस भव्यता ने न सिर्फ नव वर्ष का स्वागत किया, बल्कि जलालपुर की सांस्कृतिक विरासत को भी एक नई पहचान दी।