जलालपुर अम्बेडकर नगर। जलालपुर की राजनीति में पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया। करीब तीन दशक तक बहुजन समाज पार्टी के बैनर तले सक्रिय रहे नगर पालिका परिषद जलालपुर के पूर्व अध्यक्ष व अंबेडकरनगर लोकसभा सीट से प्रत्याशी रहे कमर हयात ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर नई सियासी पारी की शुरुआत कर दी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अबु आसिम आज़मी और मोहीबुल्लाह नदवी भी मौजूद रहे।
पिछले सप्ताह बसपा से इस्तीफा देने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि वह किस दल का रुख करेंगे। भाजपा, कांग्रेस और सपा के नाम कयासों में शामिल थे, लेकिन अंततः उन्होंने सपा को चुना। उनके इस फैसले को जिले की सियासत में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कमर हयात का सपा में आना केवल दल परिवर्तन नहीं, बल्कि जिले के सामाजिक व चुनावी समीकरणों में संभावित बदलाव का संकेत है। जलालपुर और आसपास के क्षेत्रों में उनकी व्यक्तिगत पकड़ और लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए सपा को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इधर, उनके सपा में शामिल होते ही क्षेत्रीय नेताओं के बीच हलचल तेज हो गई है। नगर निकाय से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक टिकट दावेदारी की चर्चाएं गर्म हो चली हैं। समर्थकों में जहां उत्साह का माहौल है, वहीं विरोधी दल भी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
कुल मिलाकर जिले की सियासत में यह कदम आगामी चुनावों से पहले बड़ी चाल के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संगठन में कमर हयात को क्या जिम्मेदारी मिलती है और आने वाले दिनों में उनकी भूमिका किस रूप में सामने आती है।