◆ बोले– 500 वर्षों के संघर्ष के बाद लौटा रामनगरी का गौरव, 25 हजार दीपों से शुरू हुआ दीपोत्सव अब 30 लाख दीपों के संकल्प तक पहुंचा
अयोध्या । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव-2026 के मंच से समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या की उपेक्षा की, रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और संतों पर लाठीचार्ज कराया, वे अयोध्या जरूर आएं, लेकिन रामभक्तों और संतों से माफी मांगकर आएं। अपने कृत्यों के लिए पश्चाताप करें। प्रभु श्रीराम सबके पालनहार हैं और सबको क्षमा कर देते हैं, लेकिन अहंकारी सत्ता का अहंकार समाप्त करने में प्रभु क्षण भर भी नहीं लगाते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस अयोध्या में कभी राम का नाम लेने पर लाठी और गोली चलती थी, वही आज अपने प्राचीन गौरव के साथ पूरी दुनिया को आकर्षित कर रही है। दीपोत्सव का दसवां संस्करण अयोध्या की सांस्कृतिक चेतना और जनआस्था का प्रतीक है। 25 हजार दीपों से शुरू हुई यात्रा आज 25 लाख की सीमा पार कर 30 लाख दीप प्रज्वलित करने के संकल्प तक पहुंच गई है। श्रीराम भारत की संस्कृति, संस्कार और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। उन्होंने रामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से अयोध्या की महिमा का वर्णन किया।
योगी ने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष, संतों के नेतृत्व और रामभक्तों के बलिदान के बाद अयोध्या का गौरव वापस लौटा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हैं। राम ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। वनवासी, निषादराज, माता शबरी और समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनाया। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, माता शबरी और जटायु के मंदिर इसी समावेशी चेतना के प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कथा की मर्यादा और पवित्रता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कुछ लोग धार्मिक कथाओं की गरिमा और परंपरा का ध्यान नहीं रखते। उन्होंने अयोध्या के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले यहां मुश्किल से तीन घंटे बिजली मिलती थी, जबकि आज अयोध्या स्मार्ट सिटी और सोलर सिटी के रूप में विकसित हो रही है। धर्म पथ, भक्ति पथ, श्रीराम पथ और जन्मभूमि पथ आकर्षण का केंद्र हैं। नया घाट से गुप्तार घाट तक घाटों का विकास हुआ है। डबल इंजन सरकार लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम कर रही है। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी अयोध्या की नई पहचान बना है।
उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में न कर्फ्यू लगेगा और न कोई दंगा करने का दुस्साहस कर सकेगा। संतों का अपमान और रामभक्तों पर गोली चलाने की घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह सहित जनप्रतिनिधि और संत-महंत उपस्थित रहे।
उप राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने किया प्रभु श्रीराम का राजतिलक
दीपोत्सव समारोह में उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम का राजतिलक कर आरती उतारी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी पूजन-अर्चन किया। अतिथियों ने माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूपों का तिलक कर उपहार भेंट किए। इसके बाद संतों और मंत्रियों ने भी प्रभु का पूजन-अर्चन कर आरती की। पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा।