◆ रबी की फसल के लिए उर्वरकों की उपलब्धता, नहरों की सफाई और निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर
अयोध्या। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रबी की फसल के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने, नहरों की सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और पशुओं के टीकाकरण अभियान में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि धान की कटाई का कार्य शुरू होने वाला है। ऐसे में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने डीएपी सहित अन्य आवश्यक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और किसानों तक उनकी सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। यदि कहीं वितरण या उपलब्धता से संबंधित समस्या आती है तो किसान तत्काल इसकी जानकारी दें, ताकि उसका त्वरित समाधान कराया जा सके।
उन्होंने चीनी मिलों को पेराई सत्र के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी करने, सिंचाई विभाग को नहरों की साफ-सफाई कराने तथा विद्युत विभाग को किसानों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) को फसल बीमा योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने को कहा। जिन विकासखंडों में पशुओं का टीकाकरण शेष है, वहां विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कृषि, उद्यान, गन्ना, सिंचाई, विद्युत और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान रबी की फसल की तैयारियों, धान क्रय, उर्वरकों की उपलब्धता और आलू के बीज की व्यवस्था पर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि धान क्रय केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। जनपद में धान क्रय की प्रक्रिया एक नवंबर 2026 से शुरू होगी। जिलाधिकारी ने किसानों को क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए।
किसान दिवस में 16 सितंबर 2026 को आयोजित पिछली बैठक में प्राप्त शिकायतों पर विभिन्न विभागों द्वारा की गई कार्रवाई और उनके निस्तारण की स्थिति से भी किसानों को बिंदुवार अवगत कराया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, डॉ. इंद्रदेव माहर, उप कृषि निदेशक डॉ. पीके कनौजिया सहित पशुपालन, सिंचाई, विद्युत, उद्यान, मत्स्य और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रगतिशील किसानों तथा किसान यूनियन के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।