◆ महिला अपराधों से बचाव, साइबर ठगी और कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी, हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी किया जागरूक
जलालपुर, अंबेडकरनगर। महिलाओं एवं बालिकाओं को सशक्त, जागरूक और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सम्मनपुर थाना परिसर में बहू-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें सलाहुद्दीनपुर गांव की बहुओं और बेटियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं एवं बालिकाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना और सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
सम्मेलन में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों, उनसे बचाव के उपायों और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की उत्पीड़न या हिंसा की घटना होने पर चुप रहने के बजाय पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए। पुलिस की ओर से महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कार्यक्रम में वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों को लेकर भी महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने अनजान व्यक्तियों के साथ बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारियां साझा नहीं करने की सलाह दी। साथ ही सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने के बारे में जानकारी दी गई।
हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
महिलाओं एवं बालिकाओं को शासन की ओर से संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी बताया गया। महिला संबंधी शिकायतों के लिए महिला पावर लाइन 1090, आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112, साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 तथा बच्चों की सहायता के लिए 1098 हेल्पलाइन नंबर की उपयोगिता समझाई गई। पुलिस टीम ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों का उपयोग कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश शासन की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। पुलिसकर्मियों ने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
इस जागरूकता कार्यक्रम में महिला उपनिरीक्षक अल्का श्रीवास्तव, मुख्य आरक्षी अभिषेक यादव, मुख्य आरक्षी ओमप्रकाश गिरी, महिला आरक्षी सोनाली सिंह, प्रियंका सिंह, दीक्षा शाक्य, आरक्षी कपिल रावत और विजय सिंह की विशेष भूमिका रही। सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी सहायता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।