◆ प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र कुमार ने कहा – किसानों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान, प्रदेश को दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य
अयोध्या । आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के सभागार में सोमवार को अयोध्या एवं देवीपाटन मण्डल की संयुक्त मण्डल स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी-2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र कुमार ने की।
कार्यक्रम में कुलपति डॉ. बिजेन्द्र सिंह, आयुक्त अयोध्या मंडल राजेश कुमार, आयुक्त देवीपाटन मंडल शशि भूषण लाल सुशील, कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश, प्रबंध निदेशक कृषि बीज विकास निगम, तथा अयोध्या व देवीपाटन मंडल के मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त कृषि निदेशक एवं सहकारी, सिंचाई, विद्युत, उद्यान, पशुपालन, गन्ना, मत्स्य, इफको आदि विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
गोष्ठी में 600 से अधिक प्रगतिशील कृषकों, एफपीओ, कृषक समूहों एवं कृषि सखियों ने प्रतिभाग किया। कृषि विश्वविद्यालय व कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए नवीनतम कृषि तकनीकों एवं योजनाओं की जानकारी दी।
अपने उद्बोधन में प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र कुमार ने कहा कि इस गोष्ठी का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों द्वारा बताई गई प्रत्येक समस्या का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मंडलायुक्त अयोध्या राजेश कुमार ने बताया कि रबी अभियान 2025 के अंतर्गत अयोध्या मंडल में 8.09 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को आच्छादित किए जाने का लक्ष्य है, जिसकी शत-प्रतिशत पूर्ति हेतु विकासखंडवार लक्ष्यों का निर्धारण किया गया है। वहीं आयुक्त देवीपाटन मंडल शशि भूषण लाल सुशील ने अपने मंडल के लक्ष्यों व प्रगति की जानकारी दी और कहा कि निरंतर अनुश्रवण के माध्यम से लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश ने कहा कि प्रदेश को दलहन एवं तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए वैज्ञानिक पद्धतियों, उन्नत बीज, फसली विविधता और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों एवं एफपीओ प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, साथ ही कृषकों को मिनीकिट वितरण भी किया गया। कृषकों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन कर नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के अंत में संयुक्त कृषि निदेशक ए.के. मिश्र ने सभी आगंतुक अधिकारियों, वैज्ञानिकों और किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की गोष्ठियां किसानों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।