जलालपुर, अंबेडकरनगर। जनपद में आय प्रमाण पत्र धांधली को लेकर एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जलालपुर ब्लॉक के ग्राम गौरा कमाल का है, जहां की रहने वाली रीना कुमारी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री नियुक्ति में आय प्रमाण पत्र के फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सहित कई उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है।
रीना कुमारी ने आरोप लगाया है कि गांव की ही ममता कुमारी, जो कि प्राइमरी पाठशाला गौरा कमाल में आंगनबाड़ी पद पर कार्यरत हैं, ने नियमों की अनदेखी करते हुए केवल 40 हजार 800 सौ वार्षिक आय का झूठा प्रमाण पत्र बनवाया और उस आधार पर नौकरी हासिल कर ली। शिकायत में कहा गया है कि ममता कुमारी के घर में डॉक्टर, सरकारी शिक्षक, पक्के दो मंजिला भवन, रामगढ़ रोड पर दो बीघा भूमि तथा उनके पति की रफीगंज बाजार में चल रही पेंट की दुकान है — जो स्पष्ट रूप से आय की सीमा से अधिक संपत्ति को दर्शाते हैं।
रीना कुमारी का कहना है कि लेखपाल की मिलीभगत से बिना किसी स्थलीय जांच के एक पक्षीय रूप से यह आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। उन्होंने खुद को एक गरीब महिला बताया है जिसकी वार्षिक आय 42 हजार है और वह एक छप्परनुमा मकान में जीवन-यापन कर रही हैं, फिर भी उनकी पात्रता को नज़रअंदाज़ कर दिया गया।
पीड़िता ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के अलावा निदेशक बाल विकास, जिलाधिकारी और राज्य महिला आयोग को भी भेजी है। उन्होंने मांग की है कि विपक्षी ममता कुमारी की संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो उनकी नियुक्ति निरस्त की जाए।
इस पूरे प्रकरण से एक बार फिर सरकारी योजनाओं और नियुक्तियों में आय प्रमाण पत्र की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो यह न केवल पीड़िता के लिए न्याय का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता बहाल करने की दिशा में भी एक अहम कदम होगा।