मुख्यमंत्री ने मध्यकाल के कठिन समय का जिक्र करते हुए कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं के अत्याचार और सनातन धर्म पर खतरे के बादल मंडरा रहे थे, तब काशी में संत रविदास ने सामाजिक एकता के लिए समाज को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने आडंबर और रूढ़िवादिता के खिलाफ आवाज उठाई और कर्म को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी कहावत ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ आज भी प्रासंगिक है।
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी में सीर गोवर्धन को 10 वर्षों में भव्य स्वरूप दिया गया है और अयोध्या का कायाकल्प भी उसी दिशा में एक कदम है। उन्होंने अयोध्या में फोरलेन सड़कों, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, माता शबरी के नाम पर अन्न क्षेत्र, निषाद राज के नाम पर यात्री विश्रामालय और राम की पैड़ी व सरयू घाट के सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से अयोध्या की उपेक्षा की गई, लेकिन अब सूर्यवंश की ये राजधानी देश की पहली सोलर सिटी के रूप में अपनी पहचान बना रही है।