◆ भाजपा काफी गम्भीरता से ले रही है मिल्कीपुर उपचुनाव को
◆ एक दर्जन से अधिक नेताओं ने किया है भाजपा से टिकट की दावेदारी
अयोध्या। मिल्कीपुर उपचुनाव को भाजपा काफी गम्भीरता से ले रही है। बूथ प्रबन्धन से लेकर कमेटियों को सक्रिय करने पर लगातार मंथन हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक में चुनाव के तैयारियों की समीक्षा की। उपचुनाव को लेकर भाजपा किस प्रत्याशी का चयन करती है, इसको लेकर सभी की निगाहें प्रदेश नेतृत्व के उपर टिकी है। भाजपा से टिकट के दावेदार भी लगातार मुख्यालय का चक्कर लगा रहे है।
मिल्कीपुर में प्रत्याशी के चयन को लेकर इस बार भाजपा काफी सावधानी पूर्वक कदम बढ़ायेगी। इसके लिए सभी पहलूओं पर पार्टी विचार करने के बाद ही किसी को टिकट देगी। जनपद अयोध्या में होने वाले इस उपचुनाव को पार्टी ने काफी गम्भीरता से भी लिया है। भाजपा से टिकट को लेकर एक दर्जन से अधिक दावेदार है। जिनको लेकर विभिन्न चुनावी समीकरण पर भाजपा विचार कर रही है।

टिकट के दावेदारों में शामिल भाजपा के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ है। जिन्हें पिछली बार विधायक होने के कारण दावेदारी में वरीयता देने की बात कही जा रही है। लेकिन लोकसभा चुनाव 2019, विधानसभा चुनाव 2022 व लोकसभा चुनाव 2024 के चुनाव के दौरान यहां पार्टी का प्रदर्शन उनकी नकारात्मक रिपोर्टिंग भी कर रहा है। क्योंकि इन चुनाव में पार्टी को जिताने की जिम्मेदारी बाबा गोरखनाथ के कंधो पर थी। हालांकि बाबा गोरखनाथ की क्षेत्र के युवाओं में पकड़ है। जो उनकी दावेदारी को मजबूती प्रदान करता है।

पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी को मिल्कीपुर में भाजपा का चुनाव में दावेदार माना जाता है। रामू प्रियदर्शी को जमीनी नेता माना जाता है। पहले बनी सोहावल सीट से वह विधायक थे। इसके बाद कई बार वह भाजपा से सोहावल व एक बार मिल्कीपुर से चुनाव लड़े। लेकिन सभी चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उम्र भी रामू प्रियदर्शी को टिकट देने में आड़े आ सकती है।
