अयोध्‍या समाचार विशेष

ayodhyasamachar

भगवान परशुराम व मा अन्नपूर्णा का इसी दिन है जन्मदिवस

(Ayodhya, 18 Apr), अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहुर्त के रुप में जाना जाता है। वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन किये गये दान व साधनाएं अक्षय फल प्रदान करती है। मांगलिक कार्यो में विवाह, गृह प्रवेश तथा नवीन वस्त्र, आभूषण खरीदने के लिए यह तिथि अति उत्तम मानी जाती है।


Read More
ayodhyasamachar

30 जनवरी 1889 को हुआ था कवि, नाटककार, लेखक जयशंकर प्रसाद का जन्म दिन

(Faizabad, 30 Jan), यवन आक्रमक सेल्यूकश की सेना आक्रमण हेतु भारत की सीमा पर पड़ाव डाले थी। तक्षशिला की राजकुमारी अलका भारत के सैनिको में उत्साहवर्धन करते हुए कहती है कि हिमाद्रि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती, स्वयं प्रभा समुज्जवला स्वतंत्रता पुकारती।


Read More
ayodhyasamachar

बसन्त पंचमी पर विशेष - ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का प्राकट्य अज्ञान का विनाश

(Ambedkar Nagar, 22 Jan), वससि चर्चा अज्ञानार्थे अपि भवति।तस्य एव अंतः इति कथ्यते वसन्तः।। वसि शब्द की चर्चा विद्वत वरेण्यों द्वारा अज्ञान जे भी अर्थ में होती है।माघ को भी क्वचित स्थानों पर वसि अर्थात अज्ञान कहा गया है। ऐसे में अज्ञान के माह में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का प्राकट्य अज्ञान का विनाशक रहा।


Read More
ayodhyasamachar

जाने कैसे करे बसंत पंचमी पर मॉ सरस्वती का पूजन

(Ayodhya, 21 Jan ) माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को वसन्त पंचमी के रूप में मनाया जाता है। वर्श 2018 में 22 जनवरी को बसंत पंचमी पड रही है। बसत पंचमी के दिन भक्त माता सरस्वती की प्रसन्नता पूजन अर्चन करते है। और मॉ सरस्वती से अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करने की प्रार्थना करते है।


Read More
ayodhyasamachar

भगवान अगस्त मुनि ने आकाश से आकर राम को दिया था आदित्य हृदय स्तोत्र का ज्ञान

(Ayodhya, 15 Jan), रावण के साथ संग्राम के अंतिम चरण में भगवान राम ने आदित्य हृदय स्तोत्र के द्वारा भगवान सूर्य की उपासना की थी। भगवान अगस्त मुनि ने इस गोपनीय स्तोत्र को राम को बताया था। युद्ध के दौरान थक चुके राम को स्तोत्र ने उर्जा प्रदान की।


Read More
ayodhyasamachar

दान करने से मिलेगा विशेष फल, हर राशि के अगल दान का है प्राविधान

(Ayodhya, 12 Jan), पंडित देवमित्र पाण्डेय हरे दरवाजे वाले ने इस बार मकर संक्रान्ति के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि जब सूर्य मकर राशि पर होकर उत्तरायण हो जाता है तो संक्रान्ति का पर्व मनाया जाता है। सूर्य एक मात्र प्रत्यक्ष देवता है। मकर संक्रान्ति पर सुबह 7.21 बजे से शाम 5.49 मिनट तक पुण्य काल रहेगा।


Read More
ayodhyasamachar

संत बताते है कि मीर बांकी ने इन विग्रहो को किया था सरयू में प्रवाहित जो हुए थे

(Ayodhya, 8 Jan), सरयू तट स्थित कालेराम मंदिर। यहां स्थापित भगवान के विग्रह धार्मिक दृष्टि से जितने महत्वपूर्ण है उनकी ऐतिहासिक प्रसिद्धि भी उतनी ज्यादा है। मंदिर के व्यवस्थापको व संतो के अनुसार दो हजार वर्ष पूर्व राजा विक्रमादित्य ने अयोध्या अयोध्या की पुर्नस्थापना कर रामजन्मभूमि पर जिस श्रीरामपंचायतन के जिस विग्रह की स्थापना की थी।


Read More
ayodhyasamachar

नवदुर्गा के सिद्धि और मोक्ष देने वाला स्वरूप है सिद्धिदात्री

नवदुर्गा के सिद्धि और मोक्ष देने वाले स्वरूप को सिद्धिदात्री कहते हैं। सिद्धिदात्री की पूजा नवरात्र के नौवें दिन की जाती है। देव, यक्ष, किन्नर, दानव, ऋषि-मुनि, साधक और गृहस्थ आश्रम में जीवनयापन करने वाले भक्त सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं। इससे उन्हें यश, बल और धन की प्राप्ति होती है।


Read More
ayodhyasamachar

आठवीं नवदुर्गा के रूप में पूजित है महागौरी

नवरात्र के आठवें दिन महागौरी की पूजा करने के विधान है। इस दिन मां की पूजा विधि-विधान के साथ करने से सभी परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है। इतना ही नहीं अगर आपके शादी होने में किसी भी तरह की रुकावट आ रही है, तो इस दिन उन लोगों को जरुर पूजा करनी चाहिए।


Read More
ayodhyasamachar

संसार में कालों का नाश करने वाली देवी ही है 'कालरात्री'

नवरात्री के सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि रूप की पूजा की जाती है। ये काल का नाश करने वाली हैं, इसलिए यह कालरात्रि कहलाती हैं। नवरात्रि के सातवें दिन इनकी पूजा और अर्चना की जाती है। संसार में कालों का नाश करने वाली देवी 'कालरात्री' ही है। कहते हैं इनकी पूजा करने से सभी दु:ख, तकलीफ दूर हो जाती है।


Read More
ayodhyasamachar

नवदुर्गा का छठां रूप है माता कात्‍यायनी

नवरात्रि के छठे दिन आदिशक्ति श्री दुर्गा के छठे रूप कात्यायनी की पूजा-अर्चना का विधान है। महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति ने उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया था। इसलिए वे कात्यायनी कहलाती हैं।


Read More
ayodhyasamachar

आराधना से प्रसन्‍न होकर सुख-शांति देती है स्‍कंदमाता

श्री दुर्गा का पंचम रूप श्री स्कंदमाता हैं। श्री स्कंद (कुमार कार्तिकेय) की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है। नवरात्रि के पंचम दिन इनकी पूजा और आराधना की जाती है। इनकी आराधना से विशुद्ध चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वतः प्राप्त हो जाती हैं।


Read More